Gulzar Shayari

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Gulzar Shayari

Hello guys! are you looking for Gulzar Shayari? So I will proudly tell you that you are in a great place. We all know Gulzar Sahab was a great person in the field of Shayari, Quotes, Poetry, Gazal, and lyrics. So we here have written some of the best Shayari by Gulzar Sahab in Hindi & Urdu. Hope you are gonna enjoy these Gulzar Shayari in Hindi & Urdu so much.

गुलज़ार साहब एक बहुत ही महान और उमदा लेखक ओर कवि थे। हम सब को उनकी कहीं हुई बातें हमेशा प्रेरणा देती हैं। तो इसी लिए हमने कुछ ऐसी गुलज़ार शायरी लिखी हैं जो आपके दिल को सुकून देंगी।

Gulzar Shayari in Hindi

Gulzar Shayari in Hindi

इस जिंदगी में मिलता तो बहुत है,
पर जो हासिल न हो,
हिसाब उसी का रखा जाता है।

Gulzar

जिंदगी इस तरह बसर हुई,
की काफिला साथ था,
और सफर तन्हा रहा।

Gulzar

हम अक्सर तेरी रहो में आए,
पर उन राहों में हमेशा रुक कर,
अपना ही इंतज़ार किया।

गुलज़ार

Gulzar Shayari in Hindi 2 Lines

Gulzar Shayari in Hindi 2 Lines

अगर जीवन में कुछ करना है,
तो हमेशा लोगों से अलग चलिए,
लोग साहस तो देते हैं,
पर पहचान छीन लेते हैं।

Gulzar

सही जानकारी और अच्छे लोग,
जल्दी समज नही आते,
उन्हे जानना और पढ़ना पड़ता है।

गुलज़ार

बहुत सी शिकायते,
बहुत कुछ जला देती है,
जो शिकायते कभी बया न हो पाए।

Gulzar

2 Lines Gulzar Shayari


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2 Lines Gulzar Shayari

मैंने धीमी आवाज में पूछा,
प्यार करने लगे हो,
वो नजरें झुका कर बोले,
बहुत। 

Gulzar

कोई मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत पूछ रहा है,
हमे भी इसे बहुत कुछ याद या रहा है,
तेरा हल्के हल्के से मुसकुराना।

Gulzar

कभी ज़िंदगी के कई पल बीत जाते है,
और कभी तो जिंदगी का एक पल नहीं गुज़रता।

Gulzar

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

अगर लोगों के पास दिल है,
तो उसमें दर्द भी होगा,
शायद इसका कोई हल ही नहीं है।

Gulzar

तेरे जाने क बाद इसस दुनिया में कुछ नहीं बदला,
वो रात भी वही थी और चाँद भी था,
मगर मुझे नींद नहीं।

गुलज़ार

ज़िंदगी में सायर बनना बहुत आसान है,
बस अधूरे प्यार की डिग्री होनी चाहिए।

Gulzar

Life Gulzar Shayari

Life Gulzar Shayari

कुछ जख्म ऐसे भी होते हैं,
जो हमेशा साथ रहते है,
इस ज़िंदगी के खत्म होने तक।

Gulzar

दुनिया कहती है की,
हम झूठ नहीं बोलते,
कभी  खैरियत पूछ के तो देखे।

गुलज़ार

इस ज़िंदगी की बहुत सी तकलीफ़े कम हो जाती,
जब अपनों से उम्मीद कम हो जाती है।

Gulzar

Heart Touching Gulzar Shayari

Heart Touching Gulzar Shayari

मैं तो एक दीया हूँ,
मेरा दुश्मन तो सिर्फ अंधेरा है,
हवा तो बिन बात के बदनाम है।

Gulzar

इस कदर क्यों सिखाए जा रही है ज़िदगी,
हमे कौनसा सदियाँ,
गुज़ारनी है यहा।

गुलज़ार

हाथ छूट भी जाए तो,
रिश्ते नहीं छोड़े जाते,
वक्त की शाख से,
लम्हे नहीं तोड़े जाते।

Gulzar

Romantic love Gulzar Shayari

Romantic love Gulzar Shayari

हँसते तो हम रोज़ हैं,
पर खुश हुए जमाना हो गया।

गुलज़ार

कैसे किसी से कह दूँ,
की मुलाकात नहीं होती,
रोज मिलते है,
मगर बात नहीं होती।

Gulzar

भीड़ काफी होती थी हमारे महफ़िल में,
फिर मैं सच बोलत चला गया,
लोग उठते चले गए ।

गुलज़ार

Romantic Gulzar Shayari

Romantic Gulzar Shayari

तेरी यादों का कारोबार भी बहुत खूब है,
माना मुनाफा कम है,
पर गुजारा हो ही जाता है।

गुलज़ार

आईना देख कर बहुत तसली हुई,
हम को इस घर में,
कोई जानता भी है।

Gulzar

आज फिर आखों में नमी सी है,
आज फिर कमी सी है।

गुलज़ार

Shayari by Gulzar on Love

Shayari by Gulzar on Love

कैसे कह दूँ की महंगाई बहुत है,
मेरे शहर के चौराहों पर आज भी,
एक रुपये में दुआ मिलती है।

Gulzar

लोग कहते तो है,
की खुश रहो,
मगर मजाल है,
की कोई रहने डे।

गुलज़ार

में वेेसा क्यों बनो,
जो तुम्हें चाहिए,
तुम्हें वो कबूल क्यू नही,
जो मे हूँ।

गुलज़ार

Gulzar Shayari on Love

Gulzar Shayari on Love

फिर वहीं लौट के जाना होगा,
यार ने ये कैसी रिहाई दी है।

गुलज़ार

जिसकी आँखों में कटी थी सदियाँ,
उस ने सदियों की जुदाई दी है।

Gulzar

जब हम तुमको देखते है,
तो मुझे महसूस होता है,
की दुनिया कितनी खूबसूरत है।

गुलज़ार

Love Gulzar Shayari

Love Gulzar Shayari

सहम सी गयी हैं खवाइशें,
जरूरतों ने शायद उनसे ऊंची आवाज में बात की होगी।

Gulzar

ये गुमनामिया सस्ती है,
दुनिया के बीच होने से,
एक बार खोना याचा है,
हर रोज गुमनाम होने से।

गुलज़ार

ज़िंदगी के दी तो कुछ,
ऐसे गुजरते है,
जसे एहसान उतारता है कोई।

Gulzar

Gulzar Shayari on Life in Hindi

Gulzar Shayari on Life in Hindi

शोर की एक उम्र होती है,
खामोशी तो सदाबहार होती है।

Gulzar

गुलाम जब थे तो,
हम सभी हिन्दुस्तानी थे,
सिर्फ आजादी ने हमे,
हिन्दू मुसलमान बना दिया।

Gulzar

एक सपने के टूट जाने क बाद,
दूसरा सपना देखने के होसले के,
नाम को ज़िंदगी कहते है।

गुलज़ार

Zindagi Gulzar Shayari

Zindagi Gulzar Shayari

अगर भीगी हुई आँखों को पढ़ने का सलीका हो तो
बहते हुए आँसू भी अक्सर बात करते हैं।

गुलज़ार

कोरे कागज पर क्या तलाश करते हो,
एक खामोशी भर जवाब तो है।

Gulzar

वो नफरत भी तुम्हारी थी,
वो मोहब्बत भी तुम्हारी ही थी,
हम इंसाफ यहा किस्से मांगते,
वो शहर भी तुम्हारा था,
वो अदालत भी तुम्हारी ही थी।

गुलज़ार

Motivational Gulzar Shayari

Motivational Gulzar Shayari

हर दर्द की अपनी ही अदा होती है,
वो भी सिर्फ सहने वालों पर फिदा होता है।

गुलज़ार

तुम्हारे ख्वाबों से लिपट कर सोते है,
सजायें भेज दो हमे,
हम ने खताए भेजी है।

गुलज़ार

तेरे बिना ज़िंदगी से कोई सिकवा तो नहीं,
पर तेरे बिना ये ज़िंदगी भी,
जिंदगी तो नहीं है।

Gulzar

Sad Gulzar Shayari

Sad Gulzar Shayari

अपनों से उतना ही रूठो,
किआपकी बात और दूसरों की इज्जत,
दोनों ही बरकरार रहे।

Gulzar

वो मेरी उम्र कम कर रहा था,
और में अपने साल बड़ा रहा था।

Gulzar

उस इंसान का ही ईमान बदल गया,
जिसे में कभी खुदा समझता था।

Gulzar

Gulzar sad Shayari

Gulzar sad Shayari

आज रात बहुत थमी-थमी सी है,
शायद आज फिर आपकी कमी सी है।

गुलज़ार

में सोच के गया था की,
बात बचपन की होगी,
मगर मेरे दोस्त मुझे अपनी,
तरक्की सुनाने लगे।

गुलज़ार

वो एक दिन किसी अजनबी को,
मेरी कहानी सुना रहा था।

गुलज़ार

Chand Shayari Gulzar

Chand Shayari Gulzar

याद हर रोज आती है मगर तुझे आवाज न दूंगा,
लिखूँगा तेरे लिए हर गजल पर तेरा नाम ना लूँगा।

Gulzar

कुछ बातों की समझ,
हमे तब तक नहीं आती,
जब तक खुद प नहीं गुजरती।

गुलज़ार

में रोज चुप कराता हु,
हर शब उमड़ती बारिश को,
मगर ये रोज गई बात को छेड़ देती है।

Gulzar

Gulzar sahab Shayari

Gulzar sahab Shayari

एक उम्र जाया कर दी,
लोगों में नुक्स निकालते निकालते,
अगर खुद को तराशा होता,
तो फ़रिश्ते बन जाते।

गुलज़ार

चूल्हे न जलाए की,
बस्ती ही जल जाए,
कुछ रोज हो गए है,
अब धुआँ नहीं उठता।

Gulzar

अब तो अपने साये से भी चौंक जाते है,
उम्र गुजरी तन्हा इस कदर है।

गुलज़ार

Gulzar Shayari on Dosti

Gulzar Shayari on Dosti

हमेशा मैं खवाइशों को,
अपने से पहले सुला देता हूँ,
पर हैरानी इस बात की है,
हर सुबह ये मुझसे पहले ही जग जाती है।

गुलज़ार

एक तोफा इस ईश्वर का,
जिसे दिल कहते है,
में भूल गया हूँ,
उसे कही रख कर।

Gulzar

बहुत खराब होती है,
ये यादे,
अक्सर देर रात को टहलने निकलती है।

गुलज़ार

अक्सर जखम दिल का गहना होता है,
और दर्द दिल का लिबास होता है।

गुलज़ार

जब भी अपनी राह की और बड़ा,
अक्सर कोई रास्ता काट गया।

गुलज़ार

गुलज़ार शायरी

गुलज़ार शायरी

कभी अपनी गलतियों पर गौर तो कर,
तेरे अपने ही फैसलो पर,
तेरी नज़रें झुक जाएंगी।

Gulzar

हजारों का सफर,
पल में बर्बाद हो गया,
जब उसने ये कहा,
कहो कैसे आना हुआ।

गुलज़ार

कभी तो हमारी तरफ भी,
कोई चौंक कर देखे,
किसी की आँखों मे,
हमको भी वो इंतज़ार देखे।

Gulzar

गुलज़ार लव शायरी

गुलज़ार लव शायरी

अक्सर वही दीये हाथों को जला देते हैं,
जिनको अक्सर हम हवा से बचा रहे होते हैं।

गुलज़ार

इतनी लंबी खामोशी से गुजरा हूँ इस ज़िंदगी में कि,
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की।

Gulzar

उसने कागज की बहुत सी क्शतिया पानी में उतारी,
और साथ में ये कह दिया,
की समंदर में मिलेंगे।

गुलज़ार

कैसे हम खुद को बनाए,
तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते है,
तो तुम शर्ते बदल देते हो।

Gulzar

गुलज़ार दिल से शायरी

गुलज़ार दिल से शायरी

किसी पे मर जाने से ही होती है मोहब्बत,
प्यार जिंदा लोगों के बस का नहीं।

गुलज़ार

कोई पल सायद अटका हुआ है,
वक्त में पड गया है बल सायद ।

Gulzar

दिल ने हमेशा ही पराई चीज दी है,
इसलिए जिंदगी पर कोई जोर नहीं है।

गुलज़ार

Gulzar Poetry in Hindi

Gulzar Poetry in Hindi

आप तो हमें अब याद भी नहीं करते,
तो ये हिचकियां कैसे लग गई।

गुलज़ार

अगर आँखों से पानी गिरता है,
तो उस पानी को गिरने दो,
सायद कोई पुरानी तमन्ना खत्म हो री होगी।

Gulzar

तन्हाईयों का आलम है,
घुटन सी हो री है,
बेबसी की छत के तले,
कोई किसी को भूला रहा है।

गुलज़ार

गुलज़ार एक अहसास

गुलज़ार एक अहसास

कल का वक्त तुम्हारा था,
आज की दास्ताँ हमारी है।

Gulzar

वक्त भी इंसान की तरह होता है,
यह भी कभी टिक कर नहीं रहता।

गुलज़ार

मुझे माफ कर दे ए जिंदगी,
तुझे ही नहीं,
जी पा रहे है हम।

Gulzar

थोड़ा सा जिंदगी को रफ़ू तो करिए,
फिर से जिंदगी नयी लगेगी,
आखिर ज़िंदगी तो है।

Gulzar

आज ज़िंदगी बहुत खफा है,
चलिए छोड़िए,
कॉनसी पहली दफा है।

गुलज़ार

गुलज़ार मोटिवेशनल कोट्स

गुलज़ार मोटिवेशनल कोट्स

ज़िंदगी में एक बार ऐसा हो कि, थोड़ा सा सुकून हो,
न दिल मे कोई कसक हो, न दिमाग में कोई जुनून हो।

गुलज़ार

मैंने हर वक्त सोने की कोशिश की,
पर हर वक्त मुझे एक ही खाब,
सारी रात जगाया रखता है।

Gulzar

अक्सर हम धागे बड़े कमजोर चुन लेते है,
फिर पूरी उम्र धागे संभालने में निकल जाती है।

गुलज़ार

Gulzar Poetry on Life in Hindi

Gulzar Poetry on Life in Hindi

राख को भी कभी कुरेद कर देखो,
शायद इसमें भी कोई पल जल चुका हो।

गुलज़ार

कोई साया आया था,
आँखों में आया था,
हमने दो बूंदों से मन भर लिया।

गुलज़ार

सामने आया वो मेरे,
देखा भी उसको,
बात भी की,
मुस्कराए भी किसी पहचान की खातिर,
कल का अखबार था,
बस देख लिया,
रख भी दिया।

Gulzar

गुलज़ार शायरी इन हिंदी

गुलज़ार शायरी इन हिंदी

हम तो समझते थे कि, हम भूल गए हैं उनको,
पर आज ये क्या हुआ, किस बात पे रोना या गया।

Gulzar

जेसे रेत मुट्ठी से निकलती है,
वेसे जिंदगी हर पल ढलती है,
फिर भी मुस्कराते है,
क्योंकि जिंदगी जैसी भी हो,
बस एक ही बार मिलती है।

गुलज़ार

बहुत कुछ पाने की तमना ना रखिए,
जो आपने पाया है,
उसे ही संभालिए।

गुलज़ार

रहने दे उधार कुछ मुलाकात यूं ही,
सुना है मैंने लोगों से,
की उधार वालों को भुलाया नी जाता।

Gulzar

Gulzar Poetry on Love in Hindi

Gulzar Poetry on Love in Hindi

ना राज ही है ये ज़िंदगी,
ना नाराज ही है जिंदगी,
बस जो वो है, वो है जिंदगी।

Gulzar

कुछ नई बदलता उम्र के साथ,
बस बचपन की मनमानिया,
खत्म हो जाती है।

गुलज़ार

तमना थी की खूबसूरत हमसफ़र मिले,
मिले तो महबूब क्या खूब मिले वो।

गुलज़ार

कोई समझे मुझे तो,
एक बात बोलू साहब,
तनहाई बहुत बेहतर है,
मतलबी लोगों से।

Gulzar

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